Friday, July 10, 2020

Jagdeep In memoriam

Syed Ishtiaq Ahmed Jafri more popularly known as Jagdeep passed away on 8th July. He was 81. Obviously he lived his life. Through this blog I will like to remember and relive his great work and his struggles. His works can be summarized as an actor who started as child artist grew up as hero and matured as great comedian. His comic timing,his dialogue delivery and facial expressions made one to laugh and laugh. We had comedians like Dhumal, Mukri, Sunder and Rajendra nath, whose getup and few dialogues were enough to make us laugh and we had also comedians like Omprakash,Kanhaiyalal, Kishore Kumar, Mehmood and Asrani who made themselves an important part of the story. Jagdeep fell in second category. As child artist his innocent face helped him to impress. He was doing well as main lead but probably his choice of films post Bhabhi, Barkha etc and his family compulsions forced him to do any film which came his way. This gave us a brilliant comedian. After Sholay he was our beloved Shoorma Bhopali.

उनका जन्म मध्य प्रदेश के दातिया में हुआ था। पिता की मृत्यु बटवारे के पहले हो गयी थी । उनकी माँ कनीज़ जाफरी मुम्बई आ गईं। और एक अनाथालय में कुक का काम करने लगीं। जगदीप भी घर चलाने में माँ की मदद करने के लिए स्कूल छोड़ सड़को पर साबुन वैगरह बेचने लगे। जब 1951 में श्री बी आर चोपड़ा की फिल्म अफसाना में एक बच्चे का रोल मिला तब जा कर घर की हालात कुछ सभंली। फिर दो बीघा जमीन में भी काम मिला। मुझे याद है स्कूल एक फिल्म दिखाई गई थी हम पंछी एक डाल के। जगदीप एक मासूम चेहरे वाले बाल अभिनेता थे और इस फिल्म को देखने के बाद मै दूसरी फिल्मों में भी उन्हें  पहचानने लगा। नेशनल इंट्रीग्रेशन पर बनी इस फिल्म ने जगदीप को एक पहचान दिला दी। उनकी दो और फिल्मों जैसे अब दिल्ली दूर नहीं और मुन्ना भी मैने स्कूल में ही देखी।बाल कलाकार के रूप में निम्नलिखित फिल्मों में जगदीप ने काम किया।
*अब दिल्ली दूर नहीं
*मुन्ना
*दो बीघा जमीन
*हम पंछी एक डाल के
*आर पार
"हम पंछी एक डाल के" एक एवीएम की फिल्म थी। यह फिल्म काफी सफल रही और इसकी तारीफ भी खूब हुई, फिर क्या था एवीएम ने जगदीप को 4-5 फिल्मों में बतौर नायक पेश किया जिसमें सबसे प्रसिद्ध फिल्म थी भाभी। इस फिल्म में जगदीप की नन्दा के संग जोड़ी बहुत जमी और उन पर फिल्माया गाना "चली चली रे पतंग देखो चली रे" बहुत लोकप्रिय हुई अब भी लोकप्रिय है और अक्सर विविध भारती पर बजता भी है। जिन फिल्मों में उन्होंने नायक का किरदार निभाया वो है।
*भाभी
*बरखा
*बिंदिया
*नूरमहल
*पुनर्मिलन
*शूरमा भूपाली, वैगरह
कल जगदीप जी की याद में विविध भारती पर एक कार्यक्रम प्रसारित हुआ। उनके जीवन परिचय के साथ उन पर फिल्माए गाने भी सुनाए गए। मै आश्चर्य में पड़ गया कई ऐसे कई कर्णप्रिय गाने जैसे "मेरे महबूब न जा आज की रात न जा" "पास बैठो तबियत बहल जाएगी मौत भी आ गयी हो तो टल जाएगी" उन फिल्मों के गाने है जिसमे वो हीरो थे। उनके कुछ फिल्मों के पोस्टर का कोलाज़ नीचे देता हूँ कुछ फिल्म हमें फ़्लैश बैक में ले जाएँगी।

नीचे यू ट्यूब पर उनके गानो का और शूरमा भोपाली वाले सीन का लिंक दे रहा हूँ।

इन प्यार की राहों में -फिल्म-पुनर्मिलन
पास बैठो तबियत बहल जाएगी मौत भी आ गयी हो तो टल जाएगी फिल्म-पुनर्मिलन
मेरे मर्हबूब न जा आज की रात न जा - फिल्म नूरमहल
चली चली रे पतंग देखो चली रे - फिल्म भाभी
चल उड़ जा रे पंक्षी अब ये देश हुआ बेगाना- फिल्म भाभी
प्यार किया नहीं जाता - फिल्म बरखा
हम पंछी एक डाल के - फिल्म- हम पंछी एक डाल के
शूरमा भोपाली सीन शोले

जगदीप जी ने ३००- ४०० फिल्मों में छोटे बारे रोल किये. उनकी प्रमुख फ़िल्में है :
1. गली  गाली  चोर  है (2012) 
2. लाइफ पार्टनर (2009) 
3. बॉम्बे टू गोवा  (2007) 
4. कहीं  प्यार  न  हो  जाए (2000)
5. चाइना  गेट (1998) 
6. हसीना  और  नगीना (1996) 
7. अंदाज़  अपना  अपना(1994)
8. इंसान  बना  शैतान (1992)
9. फूल  और  कांटे (1991) 
10. खूनी  पंजा (1991)
11. शूरमा  भोपाली (1988) 
12. शहंशाह (1988) 
13. बात  बन  जाये (1986) 
14. पुराना मंदिर  (1984) 
15. क़ुरबानी (1980)
16. मोर्चा (1980)
17. फिर वही रात (1980)
18. काली घटा (1980) 
19. एक बार कहो (1980)
20. सुरक्षा (1979) 
21. युवराज (1979)
22. स्वर्ग नरक(1978) 
23. एजेन्ट विनोद (1977) 
24. आइना (1977) 
25. शोले (1975)
26. बिदाई (1974)
27. गोरा और काला (1972)
28. सास भी कभी बहू थी (1970)
29. फुद्दु (1970)
30. खिलौना (1970)
31. तीन बहुरानियाँ (1968)
32. ब्रह्मचारी (1967)
33. नौनीहाल(1967)
34. नूर महल (1965)
35. पुनर्मिलन (1964) 
36. बरखा  (1959)
37. भाभी (1957)
38. हम पंक्षी एक डाल के (1957)
39. अब दिल्ली दूर नहीं(1957)
40. किस्मत का खेल (1956)
41. आर पार (1954) 
42. मुन्ना (1954)
43. लैला मजनु (1953) 
44. दो बीघा जमीन (1953)
45. अफसाना(1951)



अंत में दुआ करता हूँ कि ईश्वर उनके आत्मा को शान्ति दे, जन्नत बख़्से।

1 comment:

  1. I didn't know his story at all ... May his soul rest in peace.

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