बिहार का चिन्ह प्रतीक
कौना कारण शहर भागे पिया
हमका पपिहा के बोलियां जहर लागे।।
तोहरे बिना सूना अंगनवा,
रोवे नीमवा, रोवे अमराई डार लागे।।
काहे छोड़ गइलू गाँव के गलिया,
हर मोड़ प तोहार लागि नज़र लागे।।
कौना कारण शहर भागे पिया
हमका पपिहा के बोलियां जहर लागे।।
चंदा निकले तोहर याद सतावे,
तारन के चमकियो अब कहर लागे।।
सावन अइले भी भींजे ना मनवा,
बरखा के बूंदियो सूखी लहर लागे।।
कौना कारण शहर भागे पिया
हमका पपिहा के बोलियां जहर लागे।।
रोज फोनवो नईखे करत
बिन संदेश एको दिन पूरा उमर लागे
लौट क जल्दी आव सजना,
तोहरे बिना जिनिगी बिखर लागे।।
कौना कारण शहर भागे पिया
हमका पपिहा के बोलियां जहर लागे।।
अमिताभ सिन्हा, प्रगति इंक्लेव, रांची
No comments:
Post a Comment