Thursday, June 11, 2026

तुम जब करीब होती हो

तुम जब करीब आती हो
दिल बाग-बाग हो उठता है
और मैं समझता था ये खुसबू तुम्हारी है

तुम जब प्यार से पुकारती हो
दिल के तार बज उठते हैं
और मैं समझता था ये संगीत तुमने छेड़ा है

तुम जब मुस्कुरा कर देखती हो
सुबह की किरणें खिल उठती हैं,
और मैं समझता था ये उजाला तुमने बिखराया है।

तुम जब चुपचाप पास बैठती हो
मेरा वक़्त ठहर-सा जाता है,
और मैं समझता था ये जादू ने तुमन किया है।

तुम जब हाथों में हाथ रखती हो
दिल को एक सुकून-सा मिलता है,
और मैं समझता था ये आसरा तुम्हारा दिया है।

अब जाना है मैंने
खुशबू प्यार की थी,
संगीत हवाओं में था,
उजाला सूरज का था
और सुकून मेरे अपने दिल में,

मगर इन सबका एहसास मुझे
सिर्फ़ तुम्हारे साथ होने से ही हुआ

जिंदगी जीने के लिए
सिर्फ तुम्हारा साथ चाहिए

अमिताभ सिन्हा, प्रगति इंक्लेव, रांची

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